क्या मच्छछरोंं को भगा सकता है स्माटॅफोन एप ?
क्या मच्छछरोंं को भगा सकता है स्माटॅफोन एप ?
क्या मच्छछरोंं को भगा सकता है स्माटॅफोन एप
सभी मच्छर कुछ ख़ास क़िस्म की ध्ब्ननि निकालते है.जो मच्छर आपको काटते है. आम तौर पर आप उनके काटने के बारे मे सही से जान नहीँ पाते है.दूसरी ओर ,जो मच्छर आपको काटने बाला होता है. आप उसकी आवाज़ को सही से जान नही पाते है.दूसरी ओर ,जो मच्छर आपको काटने वाला होता है, आप उसकी आवाज को सही से सुन नही पाते है और बह बिना आपको बताये आपका खून चूस कर भाग लेता है इतना ही नही ,नर और मादा मच्छरोंं की ध्ववियों मे भी काफ़ी अंतर होता है मच्छरों की ध्वनियों को परखते हुए इनसानों के पास फटकने सेंदूर रहनें के लिए लंबे अरसे से कंई से कंपनियां अनेक उपाय कर चुकी है.हाल ही मेंं अनेक कंपनियों ने मोस्किटो रिपेलेट एप्स का ईजाद किया है ऑनलाइन उपलब्ध है। वैसे ,अब तक ऐसे पृमाणित साऋय नही मिल पाये है। जिनके आधार पर यह दावा किया जा सके कि ख़ास क़िस्म की की ध्वनि निकालने वाली डिवाइसों से मच्छरों को काटने से रोका जा सके ,फील्ड परीऋन और लैबोरोटरी अध्ययन मे भी ऐसा नही मुमकिन हो सका। एबीसी डाँट नेट डाँट एयू की एक रिपोटृ मे यह दावा किया गया है।कि विविध अध्ययनों से यह भी पता चला है कि इन ध्वनि उत्सजृन वाले उपकरणो से वास्तब मे एशियाई टाइगर मच्छर और यलो फीवर मच्छर दृरा काटने की धटना बढ़ी है। ऐसे मे स्माटृफोन एप्स के जरिये मच्छरों को रोकने का दावा कितना कारगर है। इसे आसानी से समझा जा सकता है।
ध्वनि पैदा करते हुए मच्छरोंं को रोक पाना बेहद मुश्किल है। इसलिए यदि इन एप्स के जरिये मच्छरों को काटने से नही रोका जा सकता है।
तो फिर मच्छरजनित बीमारियों को पैदा होने से कौसे रोका जा सकता हैं।
क्या मच्छछरोंं को भगा सकता है स्माटॅफोन एप
सभी मच्छर कुछ ख़ास क़िस्म की ध्ब्ननि निकालते है.जो मच्छर आपको काटते है. आम तौर पर आप उनके काटने के बारे मे सही से जान नहीँ पाते है.दूसरी ओर ,जो मच्छर आपको काटने बाला होता है. आप उसकी आवाज़ को सही से जान नही पाते है.दूसरी ओर ,जो मच्छर आपको काटने वाला होता है, आप उसकी आवाज को सही से सुन नही पाते है और बह बिना आपको बताये आपका खून चूस कर भाग लेता है इतना ही नही ,नर और मादा मच्छरोंं की ध्ववियों मे भी काफ़ी अंतर होता है मच्छरों की ध्वनियों को परखते हुए इनसानों के पास फटकने सेंदूर रहनें के लिए लंबे अरसे से कंई से कंपनियां अनेक उपाय कर चुकी है.हाल ही मेंं अनेक कंपनियों ने मोस्किटो रिपेलेट एप्स का ईजाद किया है ऑनलाइन उपलब्ध है। वैसे ,अब तक ऐसे पृमाणित साऋय नही मिल पाये है। जिनके आधार पर यह दावा किया जा सके कि ख़ास क़िस्म की की ध्वनि निकालने वाली डिवाइसों से मच्छरों को काटने से रोका जा सके ,फील्ड परीऋन और लैबोरोटरी अध्ययन मे भी ऐसा नही मुमकिन हो सका। एबीसी डाँट नेट डाँट एयू की एक रिपोटृ मे यह दावा किया गया है।कि विविध अध्ययनों से यह भी पता चला है कि इन ध्वनि उत्सजृन वाले उपकरणो से वास्तब मे एशियाई टाइगर मच्छर और यलो फीवर मच्छर दृरा काटने की धटना बढ़ी है। ऐसे मे स्माटृफोन एप्स के जरिये मच्छरों को रोकने का दावा कितना कारगर है। इसे आसानी से समझा जा सकता है।
ध्वनि पैदा करते हुए मच्छरोंं को रोक पाना बेहद मुश्किल है। इसलिए यदि इन एप्स के जरिये मच्छरों को काटने से नही रोका जा सकता है।
तो फिर मच्छरजनित बीमारियों को पैदा होने से कौसे रोका जा सकता हैं।
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